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नियमित रूप से नींद की गोली का सेवन करने वाले लोग सचेत हो जाà¤à¤‚। à¤à¤• नठअधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में आगाह किया गया है कि बूà¥à¥‡ लोगों में बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° (बीपी) पर इसका असर पड़ सकता है। सà¥à¤ªà¥‡à¤¨ की ऑटोनोमा डी मैडà¥à¤°à¤¿à¤¡ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ के शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, नींद की गोली के नियमित सेवन का संबंध बीपी की दवाओं की संखà¥à¤¯à¤¾ में वृदà¥à¤§à¤¿ से पाया गया है।
यह निषà¥à¤•रà¥à¤· उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª से पीड़ित 752 बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों पर किठगठà¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के आधार पर निकाला गया है। पूरà¥à¤µ में किठगठà¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में यह आगाह किया जा चà¥à¤•ा है कि कà¥à¤› खास नींद की गोलियों के नियमित इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से अलà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤®à¤° रोग का खतरा बॠसकता है। इसलिठजाहिर है कि इसके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सतरà¥à¤• रहना चाहिà¤à¥¤
सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• नींद नहीं
पहली बात तो यह है कि ये दवाà¤à¤‚ सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• नींद नहीं लाती। इन दवाओं के लगातार सेवन से शरीर à¤à¤µà¤‚ मन पर बà¥à¤°à¤¾ असर पड़ता है जिससे कई à¤à¤¯à¤‚कर रोग उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने लगते हैं। बार-बार उपयोग करने से इनका असर कम होने लगता है। इनकी मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ बà¥à¤¨à¥‡ लगती है।
दिल का खतरा
नींद की दवाओं के 35 मिल‌ीगà¥à¤°à¤¾à¤® के सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤‚डरà¥à¤¡ डोज़ लेने से दिल के दौरे का खतरा 20 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बढ़ जाता है जबकि साल में करीब 60 नींद की दवाà¤à¤‚ लेने से यह रिसà¥à¤• 50 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ हो सकता है। नींद की दवाओं में मौजूद ततà¥à¤µ - जोपिडेम को दिल की बीमारियों की वजह बताया है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को नà¥à¤•सान
किसी विशेष परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ या अवसà¥à¤¥à¤¾ में जैसे गरà¥à¤µà¤µà¤¤à¥€ महिलायें यदि डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह के बिना ही इन दवाओं का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करती हैं तो उनकी à¤à¤¾à¤µà¥€ संतान पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है तथा अंग-à¤à¤‚ग की à¤à¥€ आशंका बनी रहती है।
याददाशà¥à¤¤ होती है कमजोर
लंबे समय तक नींद की गोलियां लेने के कारण रकà¥à¤¤ नलिकाओं में थकà¥à¤•े बन जाते हैं, याददाशà¥à¤¤ कमजोर हो जाती है और बेचैनी की शिकायत आम हो जाती है। नींद की गोलियों का सेवन करने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह जरूर लें।
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